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Saturday, December 3, 2022
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साइबर थाना एनआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत ने केएल मेहता दयानंद महिला कॉलेज में सैकड़ों छात्राओं को साइबर अपराधों के बारे में किया जागरूक

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किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपने बैंक अकाउंट डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी कोड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करने की दी हिदायत

फरीदाबाद: डीसीपी नीतीश कुमार अग्रवाल द्वारा नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के दिशा निर्देश के तहत कार्य करते हुए साइबर पुलिस थाना एनआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत व उनकी टीम ने केएल मेहता दयानंद महिला कॉलेज में हजारों छात्राओं को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करते हुए इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उनके साथ पुलिस पीआरओ सूबे सिंह, पुलिस चौकी नंबर 3 प्रभारी उप निरीक्षक सोमपाल अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेशानुसार हर महीने के प्रथम बुधवार को पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाता है जिसके अंतर्गत पुलिस टीम विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इसके बचाव के तरीके के बारे में जानकारी प्रदान करती है। इसी क्रम में आज इंस्पेक्टर बसंत छात्राओं को जागरूक करने के लिए एनआईटी 3 नंबर स्थित केएल मेहता दयानंद महिला कॉलेज पहुंचे जहां पर ऑडिटोरियम हाल में हजारों छात्राएं मौजूद थी। स्कूल प्रिंसिपल की तरफ द्वारा पूरी पुलिस टीम का भव्य स्वागत किया गया और छात्राओं को साइबर अपराध के बारे में जागरूक करने के लिए स्टेज पर आमंत्रित किया जहां साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करते हुए इंस्पेक्टर बसंत ने बताया कि बीते कुछ सालों में तकनीक के आधुनिकरण के साथ-साथ साइबर अपराधों की संख्या में बहुत बड़ी मात्रा में वृद्धि हुई है। इन सालों में साइबर अपराधों की संख्या हजारों गुना बढ़ चुकी है। अपराध से बचाव के लिए सबसे पहले यह समझने की आवश्यकता है कि साइबर अपराध दरअसल होता क्या है। इसके बारे में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर ने बताया कि साइबर अपराध वह अपराध है जिसमें कोई साइबर अपराधी इंटरनेट के माध्यम से आपकी जानकारी चुराकर उसका इसे भी गलत कार्य में उपयोग कर सकता है। साइबर अपराध न केवल आर्थिक नुकसान से संबंधित है बल्कि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी जैसे नाम, पता, रोजगार, आपकी दैनिक क्रियाएं, आपके आने-जाने के स्थान जैसी किसी भी प्रकार की जानकारी का अपने फायदे के लिए गलत उपयोग कर सकता है। आजकल के समय में साइबर अपराधियों द्वारा किसी महिला का चेहरा किसी और अन्य महिला से जोड़कर इसका पोर्नोग्राफी में उपयोग किया जा रहा है जिससे वह उस महिला की बहुत बदनामी हो सकती है। इस प्रकार के साइबर अपराधों से बचने के लिए इंस्पेक्टर बसंत ने बचाव के कुछ तरीके बताएं जिसमें उन्होंने बताया कि उन लोगों से बात करने से बचें, जो आपसे आपके शारीरिक या यौन अनुभव से जुड़े सवाल पूछते हैं। आप उस व्यक्ति से कह सकते हैं कि वह आपसे ऐसे सवाल करना बंद कर दे, आप असहज महसूस करते हैं। यदि वे ऐसा ही करना जारी रखते हैं, तो तुरंत अपने माता-पिता को सूचित करें।उन लोगों से बात न करें, जो आपसे आपकी कामुक तस्वीरें या वीडियो साझा करने के लिए कहते हैं। यदि आप किसी व्यक्ति के साथ अपनी कामुक फोटो या वीडियो साझा करते हैं, तो व्यक्ति इन तस्वीरों को दूसरों के साथ साझा कर सकता है या उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकता है। या वे आपको ब्लैक मेल भी कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर आपके साथ साइबर बिलिंग, साइबरस्टॉकिंग, पोर्नोग्राफी या साइबर ग्रूमिंग प्रकार की अपराध करने की कोशिश करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि पुलिस समय रहते स्थिति को संभाल सके और अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचा सके।

इसके अलावा साइबर अपराधियों का मुख्य उद्देश्य लोगों से पैसे ऐंठना होता है जिसके लिए वह विभिन्न माध्यमों का उपयोग करते हैं और लालच देकर किसी व्यक्ति से उसके बैंक अकाउंट, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी एकत्रित करने की कोशिश करते हैं। साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से किसी व्यक्ति को मैसेज में लिंक भेज कर उसपर क्लिक करने को कहते हैं जिसकी वजह से उस व्यक्ति की सारी जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है और वह अपने तरीके से इसका मनचाहा उपयोग करते हैं। इससे बचाव के तरीकों के बारे में भी छात्राओं को अवगत करवाया जिसमें उन्होंने बताया कि अपने बैंक अकाउंट क्रेडिट या डेबिट कार्ड का नंबर, सीवीवी कोड या मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा ना करें। यदि उन्हें किसी भी प्रकार का संदेह हो तो वह इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें और यदि गलती से किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड की वारदात घटित हो जाती है तो वह इसकी सूचना 1930 या 112 पर दें ताकि समय रहते अपराधियों का अकाउंट फ्रीज करके निकाली गई राशि को वापस अकाउंट में पहुंचाया जा सके। इस प्रकार छात्राओं तथा शिक्षकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया। छात्राओं द्वारा साइबर अपराध के बारे में उन्हें जागरूक करने के लिए इंस्पेक्टर बसंत व टीम का तहे दिल से धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

पुलिस प्रवक्ता।

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