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Saturday, December 3, 2022
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वार्ड बंदी ने बना दी फ़रीदाबाद में कई गांधारी नगर निगम फरीदाबाद में हुई वार्डबंदी को लेकर चण्डीगढ में सरकार पर गरजे एनआईटी फरीदाबाद विधायक नीरज शर्मा।

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एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा ने बुधवार चण्डीगढ में प्रेसवर्ता कर नगर निगम फरीदाबाद में हुई वार्डबंदी में हुए धोटाले का मामला उठाया। उनके साथ आरटीआई एक्टिविस्ट राम सिंह मौजूद थे। आरटीआई दिवस पर आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर बोलते हुए विधायक नीरज शर्मा का कहना था कि नगर निगम फरीदाबाद की वार्डबंदी हेतु करवाई गयी जनगणना में लापरवाही तथा फर्जी आकड़े दिखाए गए है। मैंने भी फरीदाबाद के तत्कालीन उपायुक्त को इस मामले को लेके पत्र लिखे थे और ये भी कहा था की ऐसे अधिकारी रवि सिंगला (सेवानिवृत्त सीनियर एस० टी० पि० ) को वार्डबंदी के लिए सलाहकार नियुक्त किया जाना उचित नहीं है जिसके ऊपर विजिलेंस विभाग द्वारा एफआईआर नंबर ३ दिनांक 22-09 2022 को दर्ज की गयी थी क्या सरकार को पूरे हरियाणा में दूसरा ऐसा कोई अधिकारी नहीं मिला जो वार्डबंदी सलाहकार का काम कर सकता था। इस वार्डबंदी की जनगणना में जो घोटोले हुआ है उसमें मुख्य भूमिका रवि सिंगला की है जिन्होंने फर्जी आकड़ो को देखते हुए भी कोई ऑब्जेक्शन नहीं लगाए उल्टा पूरा साथ दिया। कंपनी का वर्क आर्डर जो 11683200 रूपए का था को दिनांक 03 -03 -2022 को रिवाइज्ड करके 24027135 रूपए का कर दिया गया जबकि कोई भी फाइल कानून के अनुसार 10 प्रतिशत से ज्यादा एन्हांसमेंट्स नहीं की जा सकती। कंपनी द्वारा कुल 13 लाख 80 हजार लोगो की ही जनगणना की गयी थी जिसे कागजो में अधिकारीयों की और सलाहकार की मिलीभगत से 24 लाख दिखा दिया गया, जो 721000 परिवार दिखाए गए है वह भी फर्जी तरीके से दिखाए है ऐसा करने के लिए जनगणना करने वाली कंपनी ने एक ही परिवार के सदस्यों को अलग अलग परिवार दिखा दिया ताकि ज्यादा बिल बनाया जा सके, वार्ड नंबर 30 के ब्लॉक ठ 1165 के मकान क्रम 245 में एक ही घर में 891 पुरुष और 883 महिलाये रहती है दिखाई गयी है जो अपने आप में ही हास्यास्पद है। क्या किसी एक ही मकान में 1774 लोग रह सकते है, वार्ड 31 के ब्लॉक नंबर 1182ठ में एक ही मकान के 30 अलग अलग मालिक दिखाए गए है जिसमे से 9 मालिक तो पिछड़ी जाति के है और बाकी अनुसूचित जाति के। क्या किसी एक ही मकान के 30 अलग अलग जाति के मकान मालिक हो सकते है ? इसके अलावा इस मकान में कुल 184 पुरुष और 180 महिलाये रहती है दिखाया गया है और यही नहीं इस ब्लॉक के सभी मकानों में ऐसे ही फर्जी किरायेदार और मकान मालिक दिखाए हुए है, वार्ड 31 के ब्लॉक नंबर 1182 । में मकान क्रम 181 पे सूरज रहता है जिसके 22 अविवाहित लड़के दिखाए गए है लेकिन उसके परिवार में कोई महिला नहीं रहती ऐसा दिखाया गया है और इसके अलावा इसी मकान के बगल वाले घर में हरी सिंह जो अनुसूचित जाति के है के 52 अविवाहित लड़के ,कुंदन लाल के 22 लड़के, त्रिपाठी राम 22 अविवाहित लड़के, जगमोहन के 23 अविवाहित लड़के दिखाए हुए है लेकिन इनके परिवार में कोई भी महिला नहीं है ऐसा दिखाया हुआ है।
वार्ड 30 के ब्लॉक नंबर B1163 के मकान क्रम 09 ,10 ,11 पर अतुल गर्ग, महेश और शीला जो तीनो ही पडोसी है के 98 -98 अविवाहित लड़के और 98 -98 अविवाहित लड़कियां दिखा रखी है। ओल्ड फरीदाबाद के रहने वाले शौएब सैफी जिसकी उम्र 28 साल तथा इनकी पत्नी की उम्र 27 साल है जो इनके हरियाणा परिवार पहचान पत्र में भी अंकित है और इनका वोटर कार्ड नंबर RRC0754606 है जो ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा के बूथ नंबर 63 पर सीरियल नंबर 603 पर दर्ज है तथा जनगणना करने वाली कंपनी ने इनकी जनगणना वार्ड 30 के ब्लॉक 1165 में मकान क्रम 253 पर दिखाई हुई है के 24 अविवाहित लड़के और 65 अविवाहित लड़कियां दिखा रखी है। सोचने का विषय है की क्या 28 साल के लड़के के 89 बच्चे हो सकते है ? और उससे भी बड़ी हास्यास्पद बात ये है की जनगणना करने वाली कंपनी ने इनके पिता कमरुद्दीन के भी 24 अविवाहित लड़के और 64 अविवाहित लड़कियां जनगणना में दिखा रखी है
इसके अलावा
झम्मी के 55 लड़के व 5 लड़कियां ,
सीमा के 85 लड़के 5 लड़कियां ,
रुपिंदर गाँधी के 81 लड़के 2 लड़कियां,
ओमवीर के 81 लड़के और पत्नी दिखाई हुई है और
वार्ड 20 में लल्लन प्रसाद के 91 अविवाहित लड़के ,
वार्ड 30 में अली खान के 54 अविवाहित लड़के और 89 अविवाहित लड़कियां ,
बजीमा के 69 लड़के और 64 लड़कियां,
अहमद के 57 लड़के 94 लड़कियां,
हिसाब के 42 लड़के 94 लड़कियां,
अंकित अली के 94 लड़के 15 लड़कियां ,
सलीम के 49 लड़के 95 लड़कियां,
आसिफ के 79 लड़के 54 लड़किया दिखाई है और सबसे बड़ी बात तो ये है की ये सभी
बच्चे अविवाहित दिखाए गए है। राम सिंह यादव ने सरकार से यह मांग रखी कि इस वार्ड बंदी को रद्द करके भारत सरकार अपने स्तर पर जनगणना करा कर फिर से वार्ड बंदी की जाय ताकि निष्पक्ष चुनाव हो सके।

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