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Saturday, December 3, 2022
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लौह पुरुष, ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती, राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई

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पुलिस आयुक्त श्री विकास कुमार आरोड़ा ने लौह पुरुष को श्रद्धा सुमन अर्पित किए ,भारत की एकता व अखंडता की पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के शपथ दिलाई ।

फरीदाबाद: आज दिनांक 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती, पुलिस आयुक्त कार्यालय के प्रांगण में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई ।

सरदार बल्लभ भाई पटेल ने पूरे भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया था जिसके के उपलक्ष में आज दिनांक 31 अक्टूबर 2022 को पुलिस आयुक्त श्री विकास अरोड़ा ने पुलिस कार्यालय सेक्टर 21C में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई। उन्होने संभोधन में बताया कि एकता के प्रतिक माने जाने वाले लोह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद गांव में हुआ था। उन्होने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साथ ही उन्होने देश का 15 अगस्त 1947 से अपने जीवन के अंतिम क्षण 15 दिसम्बर 1950 तक भारत के उप प्रधानमंत्री व गृह मंत्री का पद संभाला था। अपने कार्यकाल में ही भारी की सभी रियासतों को एक साथ भारत में जोडने का काम किया था। उन्होने बताया कि सरदार पटेल अपने विचारों में देश की मिट्टी को नमन करते थे उनका कहना था की इस देश की मिट्टी में बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास बना रहा। हमें हमेशा मुस्कुराते हुए ईश्वर और सत्य में विश्वास रखना चाहिए। हर नागरिक स्वतंत्रत है उसको यह महसूस करते हुए देश की स्वतंत्रता की रक्षा में योगदान देना चाहिए। हर भारतीय को अब भूल जाना चाहिए की वह राजपूत,सिख व जाट इत्यादि है। उन्हें याद रखना चाहिए कि वह एक भारतीय है। उसके पास देश के हर अधिकार है लेकिन कुछ कर्तव्यों के साथ। हमें उंच और नीच,अमीर और गरीब, जाति या पंथ के भेदों को दूर करना चाहिए। इससे जाति, समुदाय तेजी से गायब हो जाएगा ये हमारे देश के विकास की सीमाओं को बाधित करती है। उनका मित्रहीन का मित्र बनना स्वाभाव में था। जब जनता एक हो जाती है तो उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नही टिक सकता। अतः हमें जात-पात के ऊंच-नीच के भेदभाव को भुलाकर सब को एक होना चाहिए। सेवा करने वाले मनुष्य को विन्रमता सीखनी चाहिए, वर्दी पहन कर अभिमान नहीं, विनम्रता आनी चाहिए। मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए लोहा भले ही गर्म हो जाए हथौडे को तो ठंडा ही रखना चाहिए अन्यथा वह स्वमं अपना हत्था जला डालेगा। कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसो ठंडा होना ही पडेगा। कठोर से कठोर ह्रदय को भी प्रेम से वश में किया जा सकता है। कर्तव्यनिष्ठ पुरुष कभी निराश नहीं होता। साथ ही इस अवसर पर फरीदाबाद के सभी थाना में भी एकता व अखंडता की शपथ ली गई है।

एकता व अखंडता की शपथ कार्यक्रम में डीसीपी मुख्यालय नीतिश अग्रवाल, एसीपी मुख्यालय अभिमन्यु गोयत,भलाई शाखा इंचार्ज इंस्पेक्टर नवीन कुमार, सुपरिटेंडेंट सुरेंद्र सिंह, एसआई रामकुमार एवं कार्यालय में तैनात कर्मचारी मौजूद थे।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने हाथ उठाकर शपथ ली है कि…

“” मैं सत्य निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार बल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्य निष्ठा से संकल्प करता हूं।””

पुलिस प्रवक्ता।

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